Kalpna Chouhan

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ज़िंदगी का सफर - 💞हमसफ़र के साथ💞 "भाग 96"

रात के नो बज रहे थे, सभी अपने अपने रूम मे जा चुके थे, इवान और किआरा अपने रूम मे बैठे थे, वन्या और उत्कर्ष इस बक्त सोये हुए थे, किआरा वन्या और उत्कर्ष के कपड़े तह कर उन्हे अलमारी मे रख रही थी और इवान सोफे पर बैठा मनाली मे होने वाली मीटिंग के लिए तैयारी कर रहा था, उसने एक नजर किआरा को देखा और बोला

इवान :- किआरा तुमने अपनी पैकिंग कर ली ना

किआरा ( असमंजस मे ) :- पैकिंग... क्यू हम कही जा रहे है क्या🤔

इवान ने अपना लैपटॉप बंद कर साइड मे रखा और किआरा के पास आया और उसे पीछे से गले लगाते हुए उसकी कमर पर अपने हाथ लपेटे और उसके कंधे हल्के से किस कर उसके गाल से अपना गाल सटाते हुए शरारत से बोला

इवान :- भूल गई क्या हमे शिमला जाना है😉

किआरा इवान की इस छुअन से सिहर गई, और उसके हाथ पर अपने हाथ रख अपनी आँखे बंद कर ली और धीरे से अटकते हुए बोली

किआरा :- इ... इवान जी ल... लेकिन हम... हम कैसे...

इवान ने किआरा को अपनी तरफ पलटा और उसे अपनी बाहो मे लेकर उसके होठो पर ऊँगली रख बोला

इवान :- श... मैने कहा था ना इसकी चिंता तुम मत करो, मैने पापा से बात की थी, उन्होंने और घरवालों ने खुद तुम्हे मेरे साथ मनाली जाने के लिए कहा है, मैने जब बच्चों के बारे मे पूछा तो माँ ने कहा की वो और चाची जी मिलकर बच्चों को संभाल लेगी, हमे उन्हे साथ लेकर जाने से साफ मना कर दिया है, उन्होने कहा है हम ये मनाली ट्रिप एन्जॉय करे क्यूकी शादी के बाद हम कही गये नही ना इसलिये

इतना बोलकर ने किआरा के कान को हल्के से चूम लिया, और फिरसे बोला

इवान :- और हाँ उन्होने हमारी टिकट कल दोपहर कि की है तो हमे अभी पैकिंग करनी है समझी वाइफी

किआरा इवान की साँसो को खुद पर महसूस कर सिहर गई थी, उसकी पकड़ इवान के कंधे पर कस गई, किआरा ने होले से हाँ मे हिलाया और इवान से खुद को छुड़ाया और बोली

किआरा :- तो ठीक है इवान अब हम कल जा रहे है तो पैकिंग कर लेते है आप भी बता दीजिये आपके कोनसे कपड़े और क्या सामान रखना है

इवान किआरा के बहाने को सुन मुस्कुरा दिया और वापस उसको अपनी बाहो मे भर बोला

इवान :- अभी तो तुम्हे छोड़ रहा हु किआरा लेकिन कल इंतज़ार करना, तुम्हारे मुझसे दूर जाने के हर बहाने की सजा दूंगा, अभी जितना सताना है सता लो कल देखता हु मै तुम्हे बहुत सताऊंगा

किआरा इवान की बात सुन शर्मा गई और इवान के सीने मे अपना चेहरा छिपा लिया, इवान ने किआरा के इर्द गिर्द अपनी बाहो का घेरा कस दिया और सुकून से आँखे बंद कर ली ।

******

आध्या अपने रूम मे बैठी चॉकलेट खा रही थी, वो इस बक्त बहुत क्यूट लग रही थी उसने चॉकलेट खाते हुए कुछ चॉकलेट अपने हाथो की उंगलिया और होठो के किनारे पर भी लगा दी थी, और दर्श सोफे पर बैठा अपने एक हाथ पर चेहरा टिका कर बहुत प्यार से उसे ही देखे जा रहा था
जब आन्या की चॉक्लेट ख़त्म हो गई उसका ध्यान दर्श पर गया जो एक टक उसे ही देखे जा रहा था, उसने अपनी एक भव उचकाते हुए पूछा

आध्या :- क्या हुआ दर्श आप मुझे ऐसे क्यू देख रहे है 🤨

दर्श ( झूठी नाराजगी दिखाते हुए ) :- मै तुमसे नाराज हु आध्या

आध्या ( हैरानी से ) :- नाराज लेकिन क्यू

दर्श :- क्युकी तुमने सारी चॉकलेट अकेले खा ली मुझसे पूछा तक नही

आध्या ने दर्श की बात सुन अपने हाथ मे देखा, उसने खड़ी रेपर पकड़ा हुआ था, वो मासूम चेहरा बनाते हुए दर्श के पास आकर बोली

आध्या :- आय एम सॉरी दर्श मुझे इतनी भूख लगी थी की मै भूल ही गई तुमसे पूछा और देखो अब ख़त्म भी हो गई, आप दूसरी वाली खा लेना अब

दर्श ने एक नजर आध्या के हाथ के रेपर को देखा और फिर आध्या के चेहरे को, उसने आध्या के हाथ से खाली रेपर लिया और उसे डस्टबिन मे डाल आध्या को अपनी गोद मे बैठाते हुए  बोला

दर्श ( शरारत से ) :- नहीं मुझे यही चॉक्लेट खानी है

आध्या ( मायूसी से चेहरा लटकाते हुए ) :- लेकिन ये वाली तो ख़त्म हो गई दर्श

दर्श :- किसने कहा ख़त्म हो गई देखो कितनी सारी तो है

आध्या ( असमंजस मे ) :- कहा है दर्श सारी ख़त्म हो गई चॉक्लेट अभी आपने ही तो रेपर फेका डस्टबिन मे और आप ही भूल गये

दर्श :- हाँ लेकिन ये देख ( आध्या के हाथ को अपने हाथ मे लेकर ) कितनी सारी चॉकलेट है मै तो अब यही खाऊंगा

आध्या ने अपने हाथ को देखा उसकी उंगलियों मे चॉक्लेट लगी हुई थी, वो शर्मा गई और बोली

आध्या :- दर्श ये आप केसी बाते कर रहे है चलिए छोड़िये मै अपने हाथ धोकर आती हु गंदे हो गये है

दर्श :- नही... तुम रुको और चुप चाप बैठी रहो और मुझे मेरी चॉक्लेट खाने दो ओके

दर्श ने आध्या की उंगलियों को पकड़ा और होले से अपने मुँह मे डाल सक करने लगा, आध्या को एक गुदगुदी सी महसूस हुई और उसने शर्माकर अपना चेहरा दर्श की गर्दन मे छिपा लिया, दर्श ने उसकी उंगलियों की चॉकलेट खाने के बाद मुस्कुराकर आध्या का चेहरा अपने हाथों मे लिया और उसकी आँखों मे देखते हुए कहा

दर्श :- अभी तो और चॉकलेट है यहां मुझे वो भी खाने दो

आध्या ने कुछ कहने के लिए अपना मुँह खोला ही था की दर्श ने उसके होठो पर अपने होंठ रख दिये, आध्या की आँखे बंद हो गई और उसकी पकड़ दर्श के कंधे पर कस गई, दर्श ने कुछ देर बाद आध्या को छोड़ा तो आध्या शर्मा उसके गले लग गई, दर्श ने उसे गोद मे उठाया तो आध्या हड़बड़ा गई, दर्श ने उसे आराम से बेड पर लिटाया और उसकी तरफ झुका तो आध्या अटकते हुए बोली

आध्या :- द... दर्श ये आप.....

दर्श ( आध्या को चुप करते हुए ) :- श... मै कुछ नहीं कर रहा आध्या शांत हो जाओ, मै तो बस तुम्हे और हमारे बेबी को गुड नाईट विश कर रहा हु

इतना बोलकर दर्श ने आध्या के माथे पर किस किया तो आध्या मुस्कुरा दी, दर्श ने हल्के से आध्या के पेट के उभार पर किस किया और बेबी को गुड नाईट बोलकर आध्या के साइड आकर लेट गया, आध्या ने मुस्कुराकर उसकी बाह पर अपना सर रखा और आँखे बंद करली, दर्श ने भी उसे बाहो मे भर लिया, कुछ ही देर मे दोनो ही सुकून की नींद सो गये

*****

अध्विक अपने रूम मे सो रहा था जब उसे प्यास लगी तो वो उठा ओर पानी पीकर फिर सोने लगा की उसकी नजर बालकनी के दरवाजे पर पड़ी जो खुला थी ओर बाहर हल्कि हल्कि बारिश हो रही थी, वो उठा और दरवाजा बंद करने लगा की तभी उसकी नजर अपने साइड वाले रूम की बालकनी मे गई जहा आशी अपना सर आसमान की तरफ किये अपनी बाहो को फैलाये खड़ी थी, उसके रूम से हल्के म्यूजिक की आवाज आ रही थी शायद उसने मोबाइल मे गाना प्ले किया था, वो एक टक आशी को देखने लगा और बेख्याली मे ही वो आशी की तरफ बढ़ गया, उसके कदम आशी के सामने जाकर थमे, आशी को जब किसी की उपस्थिति महसूस हुई तो उसने अपनी आँखे खोली, उसकी नजर उसके सामने खड़े अध्विक पर पड़ी, उसने धीरे से अपने हाथ नीचे किये ओर अपना सर झुका कर खड़ी हो गई ओर धीरे से बोली

आशी :- आप यहां, कुछ काम था क्या

अध्विक ने अपना हाथ उसकी तरफ बढ़ाया और डांस के लिए पूछा

अध्विक :- मे आय डांस विथ यू आशी

आशी ने अपनी पलके उठाकर एक नजर अध्विक पर डाली और अपना हाथ अध्विक के हाथ मे रख दिया, अध्विक ने उसका एक हाथ थाम दूसरे हाथ को अपने कंधे पर रखा और अपना दूसरा हाथ आशी की कमर पर, आशी अध्विक की छुअन से सिहर गई और उसने अपने आँखे बंद कर ली, उसकी पकड़ अध्विक के हाथ और कंधे पर कस गई, अध्विक उसकी सिहरन को महसूस कर सकता था, उसने आशी को अपने थोड़ा नजदीक किया और उसके साथ कदम से कदम मिलाते हुए डांस करने लगा

तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ
कहना चाहूँ भी तो तुमसे क्या कहूँ

तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ
कहना चाहूँ भी तो तुमसे क्या कहूँ
किसी जबां में भी वो लफ्ज़ ही नहीं
के जिन में तुम हो क्या तुम्हें बता सकूँ

मैं अगर कहूँ तुम सा हसीं
कायनात में नहीं है कहीं
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं

शोखियों में डूबी ये अदायें
चेहरे से झलकी हुई हैं
जुल्फ़ की घनी घनी घटायें
शान से ढलकी हुई हैं
लहराता आँचल है जैसे बादल
बाहों में भरी है जैसे चाँदनी
रूप की चाँदनी

मैं अगर कहूँ
ये दिलकशी है नहीं कहीं, ना होगी कभी
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं

तुम हुए मेहरबान, तो है ये दास्ताँ
अब तुम्हारा मेरा एक है कारवाँ, तुम जहाँ में वहाँ
मैं अगर कहूँ हमसफ़र मेरी
अप्सरा हो तुम, या कोई परी
तारीफ यह भी तो, सच है कुछ भी नहीं

तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ
कहना चाहूँ भी तो तुमसे क्या कहूँ
किसी जबां में भी वो लफ्ज़ ही नहीं
के जिन में तुम हो क्या तुम्हें बता सकूँ

मैं अगर कहूँ तुम सा हसीं
कायनात में नहीं है कहीं
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी

अध्विक और आशी एक दूसरे मे गुम होकर डांस कर रहे थे, और कब डांस करते करते दोनो इतने नजदीक आ गये की उन्हे पता ही नही चला, अध्विक अपना हाथ हल्के से उसकी कमर से हटा उसकी पीठ पर रख उसे अपने और नजदीक कर लिया और उसके कंधे को हल्के से अपने होठो से उसे गले लगा लिया, आशी की तो सांसे ही अटक गई थी उस पल, और उसकी धड़कनो की रफ़्तार बुलेट ट्रेन से भी ज्यादा तेज़ चल रही थी, अध्विक के गले लगाने पर उसने एक सुकून महसूस किया, उसने अपनी आँखे बंद की और उस पल को महसूस करने लगी, वो दोनो उस लम्हे मे खोये ही थे की तभी एक बिजली कड़की और वो दोनो उस लम्हे से बाहर आये छिटक कर एक दूसरे से अलग हो गये, आशी जल्दी से अपने रूम मे भाग गई और बालकनी का दरवाजा बंद कर बेड पर आकर लेट तकिये मे मुँह छिपा लिया, उसे इस बक्त बहुत शर्म आ रही थी उन लम्हो को याद करके, और अध्विक वही खड़ा रह गया, उससे तो कुछ बोला ही नही गया, उसे लगा आशी को उसकी इस हरकत से बुरा लगा है तभी तो बिना कुछ कहे चली गई, उसने आशी को आवाज देने की कोशिश की लेकिन उसकी हिम्मत ना हुई और वो वापस अपने रूम मे आ गया, बेड पर लेता वो सीलिंग को ताकता हुआ बस यही सोच रहा था की उसे आशी के इतने करीब नही जाना चाहिए था, आखिर क्या हक है उसे अभी, अभी तो बस उनका रिश्ता पक्का हुआ है सगाई तो नही हुई, पता नही आशी उसके बारे मे क्या सोच रही होगी, कही उसे आवारा टाइप का लड़का तो नही समझ रही होगी जो लड़कियों से फ़्लर्ट करता रहता है, उसे अब आशी से माफ़ी मांगना था, उसने सोचा अब वो सुबह उसे सॉरी कह देगा क्यूकी अभी तो शायद वो गुस्सा होगी कल टक थोड़ा गुस्सा शांत हो जायेगा तब तक वो उससे माफ़ी मागने के लिए हिम्मत भी जुटा लेगा, ये सोचकर उसने एक गहरी सांस ली और कुछ देर मे सो गया
वही आशी भी उन लम्हो मे खोई हुई थी की पता नहीं अध्विक उसे केसी लड़की समझ रहा होगा जो उसके इतने नजदीक आ गई, उन लम्हो के बाद उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी की वो अध्विक का सामना कर सके, पता नही कल वो उसका सामना कर भी पायेगी या नही, इन्ही सब मे खोई वो भी नींद के आगोश मे चली गई







To be

Continued..........

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1 Comments

Gunjan Kamal

28-Apr-2023 10:40 AM

बेहतरीन भाग

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